लगातार मूसलाधार बारिश से पट्राहातु-टेटला पुल क्षतिग्रस्त, आवागमन प्रभावित
लगातार मूसलाधार बारिश से पट्राहातु-टेटला पुल क्षतिग्रस्त, आवागमन प्रभावित
सिली/मुरी (रांची):
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सिली-मुरी क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसी बीच पट्राहातु-टेटला के बीच राढ़ू नदी पर स्थित महत्वपूर्ण पुल का बीच का हिस्सा अचानक क्षतिग्रस्त होकर आधा टूट गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के कई गांवों और लोगों के आवागमन पर असर पड़ने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, लगातार तेज बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण पुल पर पानी का दबाव बढ़ गया, जिसके चलते पुल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में आवागमन को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
अवैध बालू खनन को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि राढ़ू नदी क्षेत्र में कथित अवैध बालू खनन के कारण नदी के तल और पुल के पिलर के आसपास की मिट्टी एवं आधार कमजोर हुआ हो सकता है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि अत्यधिक बालू उठाव से पुल के पिलर के आसपास की गहराई बढ़ने और नींव के पास की मिट्टी हटने का असर पुल की संरचना पर पड़ा हो सकता है। इसके बाद अचानक आई तेज बाढ़ ने स्थिति को और गंभीर कर दिया।
हालांकि, पुल के क्षतिग्रस्त होने के वास्तविक कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके कारणों का स्पष्ट पता तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।
जांच टीम गठित करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और संबंधित विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच टीम गठित करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के पीछे प्राकृतिक आपदा, कथित अवैध बालू खनन अथवा निर्माण और रखरखाव से जुड़ी कोई समस्या जिम्मेदार है।
स्थानीय लोगों ने राढ़ू नदी एवं आसपास के क्षेत्रों में कथित अवैध बालू खनन की जांच कराने, पुल की सुरक्षा का तकनीकी निरीक्षण करने और प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
रिपोर्ट/संवाददाता — पंकज महतो