प्रदर्शनों के कारण ताजमहल पर सैलानी घटे
आगरा: 'प्रदर्शनों के कारण ताजमहल पर सैलानी घटे'; एक दिन में 13,400 कम आए सैलानी, पर्यटन उद्योग पर मंडराया संकट
आगरा: देश की राजधानी दिल्ली में सीजेपी (CJP) और अन्य विपक्षी दलों के उग्र प्रदर्शनों, सुरक्षा कारणों से सीमाएं सील किए जाने और अचानक ट्रेनें निरस्त होने का सीधा खामियाजा विश्वप्रसिद्ध ताजनगरी आगरा के पर्यटन उद्योग को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार को ताजमहल के मुख्य गुंबद, प्रवेश द्वार और रॉयल गेट पर पर्यटकों की चहल-पहल बेहद कम दिखी। बीते शनिवार की तुलना में इस शनिवार को ताजमहल देखने वाले सैलानियों की संख्या में 13,400 की भारी गिरावट दर्ज की गई।
ट्रेनें निरस्त होने से ठप्प हुआ भारतीय पर्यटन
दिल्ली-एनसीआर से आगरा आने वाली प्रमुख ट्रेनें निरस्त रहने और दिल्ली बॉर्डर पर कड़ी पुलिस चेकिंग व बैरिकेडिंग के कारण शनिवार को महज 25,197 सैलानी ही ताजमहल पहुंचे, जबकि बीते शनिवार को यह आंकड़ा 38,592 था। आंकड़ों के अनुसार भारतीय पर्यटकों की संख्या 36,392 से घटकर केवल 22,312 रह गई। यही स्थिति आगरा किले पर भी रही, जहां दिनभर में केवल 6,383 भारतीय और 908 विदेशी पर्यटक पहुंचे।
एक दिन पहले पहुंचे विदेशी पर्यटक
दिल्ली में शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए टूर ऑपरेटरों की पूर्व सलाह पर विदेशी सैलानियों ने एक दिन पहले ही दिल्ली छोड़ दी और आगरा का रुख किया। इसी वजह से विदेशी पर्यटकों की संख्या में मामूली बढ़त दर्ज हुई। बीते शनिवार को जहां 2,000 विदेशी पर्यटक आए थे, वहीं इस शनिवार को यह संख्या बढ़कर 2,885 दर्ज की गई।
आगामी पर्यटन सीजन पर मंडराए संकट के बादल
दिल्ली में अशांति और आंदोलन की खबरों से पर्यटन विशेषज्ञ और कारोबारी बेहद चिंतित हैं। आईटो (IATO) नॉर्दन रीजन के चेयरमैन सुनील सी गुप्ता ने बताया कि "लोग सुकून और शांति की चाहत में घूमने आते हैं, लेकिन सोशल मीडिया व समाचारों में जब अशांति की तस्वीरें देखते हैं तो अपनी बुकिंग रद्द कर देते हैं। इससे आने वाले तीन महीने पर्यटन के लिए खराब रह सकते हैं।"
वहीं टूरिज्म गिल्ड के पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना का कहना है कि "ट्रेनें निरस्त होने और बसें बंद होने से लोगों में भारी चिंता है, जिसका नकारात्मक असर इस पूरे साल के मुख्य अक्टूबर-नवंबर पर्यटन सीजन पर दिखाई देगा।"