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सत्य निकेतन हादसा: पांच मंजिला इमारत ढही, छह लोगों की मौत; बचाव अभियान जारी

By Harsh • 2026-09-07 09:14 • 2 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
सत्य निकेतन हादसा: पांच मंजिला इमारत ढही, छह लोगों की मौत; बचाव अभियान जारी

सत्य निकेतन हादसा: पांच मंजिला इमारत ढही, छह लोगों की मौत; बचाव अभियान जारी

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत के ढहने से छह लोगों की मौत हो गई। इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के रूप में किया जा रहा था। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली दमकल सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य एजेंसियों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। सोमवार को भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी रही।

क्या हुआ?

हादसा 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ। यह क्षेत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और निजी हॉस्टल में रहते हैं। पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसके बाद कई लोग मलबे में फंस गए।

राहत और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचावकर्मियों ने मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश शुरू की। 7 सितंबर की सुबह तक अधिकारियों के अनुसार 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका था। बचाव अभियान में रातभर काम जारी रहा और खोज के लिए प्रशिक्षित कुत्तों समेत अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया गया।

इमारत क्यों गिरी?

इमारत में हादसे के समय मरम्मत का काम चल रहा था। हालांकि, घटना की अंतिम वजह अभी आधिकारिक जांच का विषय है। शुरुआती रिपोर्टों में बेसमेंट में चल रहे काम और इमारत की संरचनात्मक स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन इन्हें अभी हादसे का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

प्रशासन की कार्रवाई

हादसे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है और घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन और बचाव एजेंसियां घटनास्थल पर राहत कार्य में जुटी रहीं। अधिकारियों का ध्यान मलबे में फंसे लोगों की तलाश और प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर रहा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह हादसा?

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित छात्र-केंद्रित इलाका है, जहां PG और हॉस्टल बड़ी संख्या में हैं। इस हादसे ने ऐसे आवासीय भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय करने से पहले आधिकारिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।

फिलहाल बचाव अभियान के साथ-साथ घटना के कारणों की जांच जारी है। हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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