बेलन नदी मे बाढ का पानी 3 दिन बाद भी: सैकड़ो एकड़ फसलें जलमग्न, एक दर्जन से ज्यादा गांवों में आवागमन ठप
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बेलन नदी की बाढ का पानी तीन दिन बाद भी कम नही हुआ है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़न से इन गांवों में आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
बसदेवा, कम्हरिया, देवरा, कतरवरिया और नरैना जैस गांवों के चारों तरफ फसलें पानी में डूब गई हैं। लोग अपने घरों में कैद और बाढ़ के पानी से घिरने के कारण चिंतित हैं। भारी बारिश के चलते सैकड़ो एकड़ जमीन और एक दर्जन से ज्यादा गांव बाढ से प्रभावित हुए हैं।बंजरिया बांध का फाटक खोले जान े के कारण बेलन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। रॉबर्ट्सगंज-घोरावल मुख्य मार्ग को मिर्जापुर मुख्य मार्ग से जोड़न े वाली दो प्रधानमंत्री सड़कें भी जलमग्न हो गई हैं। इनम े ं उचडीह से कसया कला और शाहगंज से खैराही मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों पर बेलन नदी पर बना पुल पूरी तरह पानी मे ं डूब गया है।
बाढ़ के कारण एक दर्जन से ज्यादा गांवों के निवासियो ं और स्कूल जान े वाले बच्चों का आवागमन पूरी तरह रुक गया है। बुधवार सुबह 11 बज े तक बाढ़ के पानी में और बढ़ोतरी दर्ज की गई। यमशोकर, देवरा, बसदेवा, वैनी, भगवंतपुर, कम्हिरया, कसया कला, कसयाखुर्द, नरैना, उमरी और जीवार जैस े गांवों के रास्ते पूरी तरह पानी मे ं डूब े हैं। कई घरों के चारों तरफ पानी भर गया है, जिसस े लोग बाहर नही ं निकल पा रहे हैं।कसया गांव के अवधेश मेहता और राजेश, साथ ही वैनी के संजय, सुमन, रोहित और मृत्युंजय ने अपनी चिंता जताई। उन्होंन े कहा कि अगर बाढ ़ का पानी नही ं घटा तो कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड ़ सकता है।
बार-बार आन े वाली बाढ ़ से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। साथ ही, लोगों को जरूरी कामो ं के लिए घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। उन्हें 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।