यूपी के किसानों के लिए कृषि यंत्रीकरण, पीएम-किसान और सौर सिंचाई से जुड़े अहम अपडेट
लखनऊ, 24 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की किसान-केंद्रित योजनाओं में इस समय कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल किसान पहचान, सौर सिंचाई और प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रमुख विषय हैं। किसानों के लिए उपलब्ध ताजा सरकारी सूचनाओं के आधार पर आज के महत्वपूर्ण अपडेट इस प्रकार हैं।
कृषि यंत्रों पर अनुदान: ई-लॉटरी से चयन
उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 की कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक ऑनलाइन बुकिंग वाले कृषि यंत्रों के लिए लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी से किया गया। जिला स्तर पर ई-लॉटरी 20 और 21 अगस्त को तथा प्रदेश स्तर की कुछ बुकिंग का चयन 21 अगस्त को कृषि निदेशालय स्तर पर किया गया। विभिन्न कृषि यंत्रों पर योजना के अनुसार अनुदान की दर अलग-अलग है।
जिन किसानों ने इस चरण में आवेदन किया है, उन्हें चयन की स्थिति और आगे की प्रक्रिया के लिए अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क करना चाहिए।
फार्मर रजिस्ट्री से योजनाओं का लाभ आसान बनाने पर जोर
किसानों की डिजिटल पहचान को मजबूत करने के लिए Farmer ID/फार्मर रजिस्ट्री पर केंद्र और राज्यों का जोर बढ़ा है। केंद्र की उपलब्ध जानकारी के अनुसार देश में 3 अगस्त 2026 तक 10.31 करोड़ से अधिक Farmer IDs बनाई जा चुकी थीं। इसका उद्देश्य कृषि योजनाओं और किसान सेवाओं को अधिक व्यवस्थित डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है।
पीएम-किसान योजना 2030-31 तक जारी
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। पात्र किसान परिवारों को योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये, तीन समान किस्तों में DBT के माध्यम से दिए जाते हैं।
किसानों को अपने बैंक खाते, आधार और e-KYC की स्थिति सही रखने की सलाह दी जाती है।
पीएम-कुसुम से सौर सिंचाई को बढ़ावा
कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली PM-KUSUM योजना के तहत 2 अगस्त 2026 तक देश में कृषि उपयोग के लिए करीब 11.49 लाख ऑफ-ग्रिड सोलर पंप स्थापित किए जा चुके थे। इसके अलावा 15.89 लाख से अधिक कृषि पंपों को फीडर-स्तरीय सोलराइजेशन के दायरे में लाया गया है।
सरकारी योजना के प्रावधानों के अनुसार सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई से किसानों को डीजल और बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। आवेदन और सब्सिडी के वास्तविक प्रावधान राज्य की वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार जांचना जरूरी है।
यूपी में किसान दुर्घटना कल्याण योजना की स्थिति
उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग के ऑनलाइन डैशबोर्ड पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के आवेदन और निस्तारण की स्थिति लगातार अपडेट की जा रही है। उदाहरण के तौर पर 1 अगस्त 2026 तक के एक जिला-स्तरीय डैशबोर्ड में आवेदन, स्वीकृत, निरस्त और लंबित मामलों की जानकारी उपलब्ध है। इससे योजना की ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था का पता चलता है।
किसान परिवारों को दुर्घटना से संबंधित पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया के लिए अपने तहसील/राजस्व विभाग से जानकारी लेनी चाहिए।
खाद की उपलब्धता पर कृषि विभाग का जोर
उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की 20 अगस्त की सूचना में आलू, सरसों और दलहन उत्पादक जिलों में प्राथमिकता से फॉस्फेटिक उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश की जानकारी दी गई है। खरीफ और आगामी कृषि गतिविधियों को देखते हुए उर्वरक उपलब्धता किसानों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है।
किसानों के लिए मौसम संबंधी सावधानी
मानसून के दौरान खेतों में जलभराव, फसल सुरक्षा और कटाई के बाद सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। 26 अगस्त तक देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान बताया गया है। किसान अपने जिले के लिए जारी IMD के स्थानीय पूर्वानुमान और चेतावनी को प्राथमिकता दें।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
किसी योजना में आवेदन करने से पहले वर्तमान पात्रता और अंतिम तिथि जांचें।
सब्सिडी की वास्तविक दर योजना और कृषि यंत्र के अनुसार अलग हो सकती है।
आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल/विभागीय व्यवस्था से करें।
किसी एजेंट या अनधिकृत व्यक्ति को बिना सत्यापन भुगतान न करें।
PM-KISAN सहित DBT योजनाओं में बैंक खाते और e-KYC की स्थिति जांचते रहें।