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एफ़-15 मार गिराए जाने के बाद अमेरिकी पायलट ने ईरान में कैसे बिताए 48 घंटे

By SANJAY PANDEY • 2026-09-15 04:14 • 7 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
एफ़-15 मार गिराए जाने के बाद अमेरिकी पायलट ने ईरान में कैसे बिताए 48 घंटे
ईरान के ऊपर अमेरिकी विमान गिराए जाने के बाद पायलट का बचाव अभियान, 48 घंटे तक छिपे रहे

ईरान के ऊपर अमेरिकी विमान गिराए जाने के बाद पायलट का बचाव अभियान, 48 घंटे तक छिपे रहे

अमेरिकी वायुसेना के एक पायलट ने CBS News के कार्यक्रम '60 Minutes' में ईरान के ऊपर विमान गिराए जाने के बाद अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में पायलट की पहचान सुरक्षा कारणों से 'ब्रावो' नाम से बताई गई। उन्होंने बताया कि विमान से बाहर निकलने के बाद उन्हें गंभीर चोटों के बावजूद ईरानी क्षेत्र में छिपकर रहना पड़ा, जिसके बाद अमेरिकी विशेष बलों ने उन्हें बचाया।

ब्रावो के अनुसार, विमान से बाहर निकलने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए यह महसूस हुआ कि उनका पैराशूट ठीक से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि उस दौरान उनका ध्यान किसी तरह पैराशूट को सक्रिय करने और तेजी से नीचे आने के दौरान स्थिति को संभालने पर था।

पायलट ने अपने बचने को एक बेहद असाधारण अनुभव बताया। उनके मुताबिक, जमीन पर पहुंचने के बाद उन्हें पीठ, कंधे और बांह में चोटें आईं। इसके बावजूद उन्होंने सुरक्षित स्थान तलाशने के लिए पैदल आगे बढ़ना जारी रखा।

दोनों वायुसैनिक अलग-अलग हो गए

रिपोर्ट के अनुसार, दो सीटों वाले F-15E विमान में सवार दोनों अमेरिकी वायुसैनिक विमान से बाहर निकलने के बाद एक-दूसरे से अलग हो गए थे। दूसरे वायुसैनिक की पहचान 'अल्फा' के रूप में बताई गई और उन्होंने CBS को इंटरव्यू देने से इनकार किया।

ब्रावो ने बताया कि उन्हें लगातार इस बात का डर था कि ईरानी सुरक्षा बल उन्हें तलाश सकते हैं। उन्होंने पहाड़ी इलाके में आगे बढ़ते हुए खुद को हिम्मत बनाए रखने के लिए लगातार सतर्क रहने की कोशिश की।

बचाव अभियान में अमेरिकी विशेष बल शामिल

CBS की रिपोर्ट के अनुसार, अल्फा को लगभग छह घंटे के भीतर बचा लिया गया था, जबकि ब्रावो को ईरानी क्षेत्र में करीब 48 घंटे बिताने के बाद सुरक्षित निकाला गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान गोलीबारी की स्थिति भी बनी रही।

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान ईरान के भीतर बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, इस अभियान में ईरान के अंदर 90 से अधिक अमेरिकी सैनिक एक समय पर मौजूद थे।

बचाव अभियान में उपकरणों को नष्ट करना पड़ा

रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव दल को वापस लौटते समय कुछ विमानों और हेलिकॉप्टरों से जुड़ी तकनीकी तथा परिचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कुछ उपकरणों को क्षेत्र में छोड़ने के बजाय नष्ट किया गया, ताकि उनकी संवेदनशील तकनीक विरोधी पक्ष के हाथ न लगे।

यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष की परिस्थितियों के बीच सामने आया। पायलट के बयान और बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी CBS News तथा अमेरिकी अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। सैन्य अभियानों से संबंधित आंकड़ों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक स्रोतों से की जानी चाहिए।

इस घटना ने युद्ध क्षेत्र में सैन्य पायलटों के सामने आने वाले जोखिमों और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए किए जाने वाले जटिल बचाव अभियानों को भी सामने रखा है।

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