विद्यार्थियों को डायल 112, साइबर अपराध, महिला/बच्चों विरुद्ध अपराधों सहित विभिन्न जानकारी देकर किया जागरूक।
विद्यार्थियों को डायल-112, साइबर अपराध और महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति किया जागरूक
रेवाड़ी | इंडियन प्रेस यूनियन
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से महिला थाना प्रभारी पीएसआई सरिता और उनकी टीम ने वीरवार को यूरो इंटरनेशनल स्कूल, धारूहेड़ा में विद्यार्थियों एवं स्टाफ को डायल-112, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, साइबर अपराध, आत्मरक्षा और नशे के दुष्परिणामों के संबंध में जागरूक किया।
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में होने वाले अपराधों से बचाव, अपराध होने पर सहायता प्राप्त करने तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। टीम ने बताया कि शिक्षित महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती है और किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठा सकती है। इसलिए प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि वह सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खड़ा हो सके और अपने हक के लिए आवाज उठा सके।
पुलिस टीम ने बताया कि विद्यार्थी अपने आसपास महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों, जैसे छेड़छाड़ और शोषण, के प्रति जागरूक रहें। बच्चों को यह समझना जरूरी है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ कानूनी अपराध हैं।
टीम ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशे की लत युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। किशोरावस्था में शौक के तौर पर शुरू किया गया नशा धीरे-धीरे लत का रूप ले सकता है, जिससे छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है। यदि आसपास कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की बिक्री करता दिखाई दे, तो इसकी सूचना पुलिस को देने की अपील की गई। पुलिस को सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने की बात भी कही गई।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने डायल-112 और दुर्गा शक्ति ऐप के बारे में भी जानकारी दी। टीम ने बताया कि संबंधित ऐप में आवश्यक विवरण दर्ज करके जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। हालांकि, ऐप की सुविधाओं और आपातकालीन सहायता की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार ही साझा की जानी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, पुलिस टीम ने ट्रिप मॉनिटरिंग सुविधा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा सहायता चाहने वाली महिलाएँ डायल-112 के माध्यम से इस सुविधा के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। इस सुविधा के तहत पुलिस कंट्रोल रूम यात्रा के दौरान महिला से संपर्क कर उसकी सुरक्षा की जानकारी ले सकता है।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल के प्रिंसिपल ने विद्यार्थियों और स्टाफ को जागरूक करने के लिए पुलिस टीम का धन्यवाद किया तथा भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की।