धनबाद:
जिला स्तरीय शुल्क समिति की बैठक में निजी स्कूलों की फीस और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक में तय किया गया कि निजी स्कूल हर वर्ष फीस बढ़ाने के बजाय कम से कम दो वर्षों का अंतराल रखेंगे तथा शुल्क वृद्धि 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
इसके अलावा, सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे नवंबर माह में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर किताबों, कॉपियों और यूनिफॉर्म की सूची अपलोड करें, ताकि अभिभावकों को समय रहते आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके। समिति ने यह भी निर्देश दिया कि स्कूल कम से कम पांच वर्षों तक यूनिफॉर्म में बदलाव न करें, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम हो।
बैठक के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा निजी स्कूलों से आय-व्यय का विवरण मांगा गया था। इस बार संबंधित अधिकारियों द्वारा यह समीक्षा की जाएगी कि स्कूल प्रशासन आवश्यक वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराता है या नहीं।
इस संबंध में झारखंड अभिभावक महासंघ के महासचिव मनोज मिश्रा ने कहा कि अभिभावकों के हितों की सुरक्षा के लिए पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संगठन संबंधित मंचों पर अपनी बात रख सकता है।
प्रशासन का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य निजी स्कूलों की शुल्क संरचना में पारदर्शिता लाना और अभिभावकों की शिकायतों का उचित समाधान सुनिश्चित करना है।
2 Comments
ASHUTOSH KUMAR MAIRH
April 23, 2026Thanks for publishing
Pooja Kumari
April 23, 2026Yah ek bahut achha kadam hai