एक अकेली उम्मीदवार बनी वनरक्षक: 8 पदों की भर्ती में सिर्फ अंजना बैगा पहुंचीं, बाकी 7 पद रहे खाली
मध्य प्रदेश के सीधी वन मंडल से सरकारी भर्ती का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां बैगा, भारिया और सहारिया जैसी विशेष जनजातियों के लिए वनरक्षक के 8 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए 25 अभ्यर्थियों को बुलाया गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा देने केवल एक उम्मीदवार, अंजना बैगा, ही पहुंचीं। उन्होंने निर्धारित शारीरिक परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर चयन सुनिश्चित कर लिया, जबकि बाकी 7 पद अभ्यर्थियों के नहीं पहुंचने के कारण खाली रह गए।
भर्ती प्रक्रिया के तहत पहले 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों की मेरिट तैयार की गई थी। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। अंजना बैगा ने लगभग 14 किलोमीटर की पैदल चाल निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर अपनी फिटनेस साबित की। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनका वनरक्षक पद पर चयन कर लिया गया है और अगले महीने उन्हें प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
यह घटना सरकारी भर्तियों में अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति, दूरदराज़ आदिवासी क्षेत्रों की चुनौतियों और जागरूकता की कमी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। वहीं, अंजना बैगा की सफलता यह भी दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर सरकारी नौकरी का सपना साकार किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि अन्य युवाओं, विशेषकर आदिवासी समुदाय की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।