यूएई को ईरान युद्ध की सबसे भारी क़ीमत क्यों चुकानी पड़ रही है?
अमेरिका-इसराइल और ईरान का युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर रहा है और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तेज़ी से ईरान
अमेरिका-इसराइल और ईरान का युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर रहा है और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तेज़ी से ईरान
पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है क्योंकि यह साफ़ नहीं है कि ‘अंडर एडज्यूडिकेशन’
ईरान जंग को ख़त्म करने के लिए पाकिस्तान संभावित मध्यस्थ के तौर पर उभर सकता है. इसी कोशिश के तहत,
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करता
भारत सरकार ने आयकर अधिनियम 2025 को नोटिफ़ाई कर दिया है. ये अधिनियम एक अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा.
रणवीर सिंह की फ़िल्म ‘धुरंधर’ ने पिछले साल ज़बरदस्त धूम मचाई और अब ‘धुरंधर पार्ट-2’ पर्दे पर आ चुकी है.
ईरान युद्ध ने भारत के लिक्विफ़ाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) बाज़ार को पहले ही हिलाकर रख दिया है. अब ऊर्जा ज़रूरत
ईरान पर इसराइल और अमेरिका के हमले के बाद मध्य पूर्व जंग की चपेट में है. इससे बढ़ते क्षेत्रीय तनाव
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि ईरान के साथ सीधे बातचीत से भारतीय जहाज़ों को होर्मुज़
जंग कहीं भी लड़ी जाए उसका किसी न किसी रूप में दुनिया पर असर पड़ता है. युद्ध यही होता है.
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