बैजनाथ (कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश), 15 जून 2026:
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ शिव मंदिर, जिसे वैद्यनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है। धौलाधार पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बिनवा नदी के किनारे स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और उत्कृष्ट स्थापत्य कला का अनूठा उदाहरण माना जाता है।
मंदिर परिसर में उपलब्ध शिलालेखों के अनुसार वर्तमान मंदिर का निर्माण वर्ष 1204 ईस्वी में स्थानीय व्यापारियों अहुक और मन्युक द्वारा कराया गया था। यह मंदिर उत्तर भारतीय नागर शैली की वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना माना जाता है। इसकी बाहरी दीवारों पर देवी-देवताओं, पौराणिक प्रसंगों और अलंकरणों की सुंदर पत्थर नक्काशी देखी जा सकती है।
धार्मिक मान्यताएं
स्थानीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बैजनाथ मंदिर का संबंध भगवान शिव और रावण से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा से माना जाता है। मान्यता है कि रावण ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उनसे एक दिव्य शिवलिंग प्राप्त किया था। यात्रा के दौरान यह शिवलिंग वर्तमान बैजनाथ क्षेत्र में स्थापित हो गया और वहीं पूजित होने लगा। इसी कारण इस मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
भगवान शिव को यहां वैद्यनाथ स्वरूप में पूजा जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने से आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
स्थापत्य विशेषताएं
मंदिर का मुख्य आकर्षण गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग, ऊंचा वक्राकार शिखर, अलंकृत स्तंभों वाला मंडप और प्रवेश द्वार पर स्थापित नंदी की प्रतिमा है। मंदिर की बाहरी दीवारों पर की गई कलात्मक नक्काशी इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित यह मंदिर हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है।
श्रद्धा और पर्यटन का केंद्र
बैजनाथ शिव मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख स्थल है। प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक वातावरण के कारण यह स्थान हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।