देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की केदारनाथ रोपवे परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित रोपवे मार्ग का लिडार (LiDAR) सर्वे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिसके आधार पर पूरे रूट का 3डी डिजिटल मैप तैयार किया गया है।
लिडार तकनीक के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक संरचना, ऊंचाई, ढलान, चट्टानों की स्थिति तथा अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों का सटीक आकलन किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, तैयार किए गए डिजिटल मैप की सहायता से रोपवे टावरों की संभावित लोकेशन, स्टेशन निर्माण, केबल लाइन तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत इंजीनियरिंग योजना तैयार की जाएगी।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के उपयोग से निर्माण कार्य के दौरान संभावित चुनौतियों की पहले से पहचान कर आवश्यक योजना बनाई जा सकेगी, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में सुविधा मिलने की संभावना है।
रोपवे परियोजना के पूरा होने के बाद केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ने और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।
राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां परियोजना के अगले चरणों पर कार्य कर रही हैं। लिडार सर्वे और 3डी डिजिटल मैप तैयार होने के बाद विस्तृत इंजीनियरिंग डिजाइन तथा निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।