मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों का प्रदर्शन इस वर्ष अपेक्षा के अनुरूप नहीं, लेकिन सुधार की उम्मीद
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों का प्रदर्शन इस वर्ष अपेक्षा के अनुरूप नहीं, लेकिन सुधार की उम्मीद
रांची: झारखंड में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों ने पिछले कुछ सालों में अभिभावकों और छात्रों का भरोसा जीता है, लेकिन इस वर्ष के सीबीएसई परिणामों ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जबकि पिछले साल इन विद्यालयों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था, इस साल का नतीजा अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।
शिक्षा विभाग और झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल ने इस स्थिति का संज्ञान लिया है और सुधार के उपायों की रूपरेखा बनाई जा रही है। आगामी वर्षों में, शिक्षकों का प्रशिक्षण बढ़ाया जाएगा, स्मार्ट क्लास और साइंस लैब जैसी सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा, और नियमित मूल्यांकन प्रणाली के जरिए छात्रों की प्रगति को ट्रैक किया जाएगा।
हालांकि, पिछले साल की तुलना में नामांकन और परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2025 में जहां 5,443 छात्रों का नामांकन हुआ था, वहीं 2026 में यह बढ़कर 6,516 हो गया। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का आंकड़ा भी बढ़ा है, और पास प्रतिशत भी थोड़ा सुधरा है, लेकिन अभी भी सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।
शिक्षकों की गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं, और बेहतर मूल्यांकन के साथ-साथ, सरकार को अभिभावकों को भरोसा दिलाने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे, ताकि इन विद्यालयों का प्रदर्शन भविष्य में और सुदृढ़ हो सके। यदि यह रणनीति सफल होती है, तो झारखंड के सरकारी स्कूलों की छवि और मजबूत होगी और वे निजी स्कूलों के लिए एक मजबूत विकल्प बनेंगे।