बस्ती का मुख्य प्रवेश द्वार 'बड़ेबन चौराहा' बना जाम का अड्डा, पुलिस चौकी और ट्रैफिक ऑफिस के सामने उड़ रही नियमों की धज्जियां
बस्ती का बड़ेबन चौराहा जाम और अतिक्रमण की समस्या से जूझा, यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
बस्ती: जनपद का प्रमुख और व्यस्त बड़ेबन चौराहा इन दिनों यातायात दबाव और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। लखनऊ, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और बस्ती शहर की ओर जाने वाले मार्गों को जोड़ने वाले इस चौराहे पर दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अव्यवस्थित वाहन पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण कई बार यातायात प्रभावित होता है।
सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित वाहन
स्थानीय लोगों का कहना है कि चौराहे के आसपास दुकानों, ठेले-खोमचे और अन्य गतिविधियों के कारण सड़क किनारे उपलब्ध स्थान कम हो गया है। इसके अलावा ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सियों के सड़क किनारे या सड़क पर रुकने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। व्यस्त समय में इससे जाम की स्थिति बनने की शिकायतें सामने आती हैं।
पुलिस चौकी और ट्रैफिक कार्यालय के पास भी समस्या
बड़ेबन चौराहे के आसपास पुलिस चौकी और यातायात विभाग से जुड़े कार्यालय मौजूद हैं। इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो पाई है। लोगों ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग की
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने जिलाधिकारी तथा पुलिस प्रशासन से चौराहे के आसपास अतिक्रमण हटाने, वाहनों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि व्यवस्थित पार्किंग और निर्धारित स्थानों पर वाहनों के संचालन से जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल, बड़ेबन चौराहे की यातायात व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतें प्रशासन के लिए ध्यान देने योग्य विषय हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए अतिक्रमण, पार्किंग और यातायात प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर समन्वित कार्रवाई आवश्यक होगी।