रिटायरमेंट से पहले कर्मचारी को मिलेगा गृह जिला
रिटायरमेंट से पहले कर्मचारी को मिलेगा गृह जिला, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे एक कर्मचारी को बड़ी राहत दी है।
मामला आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल नेल्सन लवेट से जुड़ा है, जो वर्तमान में रायगढ़ में पदस्थ हैं और जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
नेल्सन लवेट ने अपने गृह जिले बिलासपुर में पदस्थापना के लिए कई बार अधिकारियों के समक्ष आवेदन दिया था। उनका कहना था कि सेवानिवृत्ति नजदीक है और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें गृह जिले में पदस्थ किया जाए।
मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को उन्हें उनके गृह जिले बिलासपुर में पदस्थ करने का निर्देश दिया है।
राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई थी कि 5 जून 2025 की स्थानांतरण नीति आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती और कर्मचारी को अपनी पसंद के स्थान पर पदस्थापना का कोई प्रवर्तनीय अधिकार नहीं है।
हाई कोर्ट ने सरकार की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्ति के एक वर्ष के भीतर पहुंच चुके कर्मचारियों को उनकी पसंद या गृह जिले में पदस्थापना का लाभ दिया जाता रहा है, इसलिए याचिकाकर्ता को भी इस आधार पर राहत मिलनी चाहिए।
कोर्ट के इस फैसले से न केवल नेल्सन लवेट को राहत मिली है, बल्कि सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके अन्य कर्मचारियों के लिए भी यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।