सऊदी अरब सज़ा-ए-मौत पाए लोगों के शव उनके परिवारों को क्यों नहीं सौंपता
सऊदी अरब में इथियोपियाई नागरिकों को मौत की सजा: परिवारों ने शव और न्याय को लेकर उठाए सवाल
सऊदी अरब में नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में मौत की सजा पाए इथियोपियाई नागरिकों के परिवारों ने उनके मामलों और अंतिम संस्कार से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) के अनुसार, 23 जून 2026 को सऊदी अधिकारियों ने पांच इथियोपियाई नागरिकों को कथित तौर पर हशीश की तस्करी से जुड़े मामलों में मौत की सजा दी थी।
इनमें किब्रोम किन्फे अरेगावी भी शामिल थे। उनके पिता किन्फे अरेगावी का कहना है कि परिवार ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की तैयारी की, लेकिन बेटे का शव इथियोपिया वापस नहीं लाया गया। परिवार के अनुसार, उन्हें किब्रोम की मौत की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली।
किन्फे का दावा है कि उनके बेटे ने किसी तरह की तस्करी में शामिल होने से इनकार किया था और परिवार को मामले में पर्याप्त सबूत दिखाए जाने चाहिए। ये दावे परिवार की ओर से किए गए हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एक अन्य परिवार ने भी उठाए सवाल
मृत्युदंड पाने वालों में त्सिगाबू गेब्रेमारियम भी शामिल थे। उनके परिवार के अनुसार, त्सिगाबू आर्थिक कठिनाइयों और इथियोपिया में संघर्ष की परिस्थितियों के बीच सऊदी अरब गए थे। परिवार का कहना है कि उन्होंने जेल से आखिरी बार फरवरी में संपर्क किया था और घर लौटकर शादी करने की बात कही थी।
उनकी मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने स्थानीय चर्च में प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार और प्रार्थना सभा आयोजित की। परिवार सऊदी अधिकारियों से उनके मामले से जुड़े सबूत और उनके शव के बारे में जानकारी मांग रहा है।
HRW ने भी मामलों पर जताई चिंता
ह्यूमन राइट्स वॉच ने जुलाई में कहा था कि सऊदी अधिकारियों ने 27 जुलाई को पांच और इथियोपियाई प्रवासियों को गैर-घातक ड्रग संबंधी अपराधों के मामलों में मौत की सजा दी। संगठन के अनुसार, 2026 की शुरुआत से कम से कम 17 इथियोपियाई नागरिकों को ड्रग संबंधी आरोपों में मौत की सजा दी जा चुकी थी। HRW ने कुछ मामलों में कानूनी प्रतिनिधित्व, अनुवाद और उचित प्रक्रिया से जुड़े सवाल भी उठाए हैं।
HRW के अनुसार, 23 जून को मौत की सजा पाए पांच इथियोपियाई नागरिकों के मामलों में भी कथित तौर पर हशीश की तस्करी के आरोप शामिल थे। संगठन ने यह भी बताया कि कुछ स्रोतों के अनुसार इन लोगों ने इथियोपिया से यमन होते हुए सऊदी अरब तक पहुंचने के लिए खतरनाक प्रवासी मार्ग का इस्तेमाल किया था।
मौत की सजा और विदेशी नागरिकों का मुद्दा
मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी अरब में ड्रग संबंधी अपराधों में मौत की सजा दिए जाने और विदेशी नागरिकों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त की है। HRW ने अप्रैल 2026 में भी कहा था कि दर्जनों इथियोपियाई प्रवासी ड्रग संबंधी मामलों में मौत की सजा के जोखिम का सामना कर रहे थे।
दूसरी ओर, सऊदी अधिकारियों ने ड्रग तस्करी के मामलों में कड़ी सजा को देश में नशीले पदार्थों के खिलाफ कानून लागू करने और नागरिकों की सुरक्षा से जोड़ा है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हाल की कुछ मौत की सजाएं हशीश की तस्करी से संबंधित थीं।
परिवार शव वापस लाने की मांग कर रहे हैं
मृतकों के परिवारों का कहना है कि वे अपने परिजनों के शव वापस लाकर धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। परिवारों ने संबंधित अधिकारियों से मौत की परिस्थितियों, मामलों से जुड़े दस्तावेजों और शवों के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस बीच, सऊदी अरब में मौत की सजा पाए कैदियों की कुल संख्या सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि कई विदेशी नागरिक ड्रग संबंधी मामलों में मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। हालांकि, अलग-अलग संगठनों द्वारा दिए गए आंकड़ों और मामलों की स्थिति में अंतर हो सकता है।
किब्रोम और त्सिगाबू के परिवारों के आरोपों तथा अन्य मामलों से जुड़े दावों पर अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक रिकॉर्ड और आधिकारिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकेगी।