अपनों से बिछड़े बुजुर्गों का सहारा बना ‘गौरी ओल्ड एज होम’: प्रतिभा जोशी की यह पहल दे रही है नया जीवन और सम्मान
देहरादून (उत्तराखंड)
जीवन के अंतिम पड़ाव में जब कई बुजुर्ग अपनों की बेरुखी, बीमारी या अकेलेपन के साए में भटकने को मजबूर हो जाते हैं, तब देहरादून स्थित ‘गौरी ओल्ड एज होम’ (Gauri Old Age Home) उनके लिए एक नई उम्मीद और सुरक्षित आशियाना बनकर सामने आया है। कल्पवृक्ष सामाजिक संस्थान के तत्वावधान में संचालित यह वृद्धाश्रम केवल एक छत नहीं, बल्कि ऐसे बेसहारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक भरा-पूरा परिवार बन चुका है।
सेवा और संवेदना की मिसाल: प्रतिभा जोशी का संकल्प
संस्था की संस्थापक व संचालक प्रतिभा जोशी और उनकी टीम लगातार सड़कों, अस्पतालों और लावारिस हाल में मिलने वाले असहाय बुजुर्गों को रेस्क्यू कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर इंस्टाग्राम (@pratibhajoshi139) के जरिए वे इन बुजुर्गों के पुनर्वास और उनकी दैनिक गतिविधियों से जुड़े भावुक पलों को साझा करती हैं, जिससे समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ रही है।
प्रतिभा जोशी का कहना है:
"बुढ़ापा कमजोरी का नहीं, बल्कि सम्मान और आदर का हकदार होता है। जब कोई परिवार अपने ही बुजुर्ग को सड़क पर छोड़ देता है, तो हमारा प्रयास यही रहता है कि उन्हें यह महसूस न हो कि वे अकेले हैं। गौरी ओल्ड एज होम उनका अपना घर है।"
आश्रम में उपलब्ध सुविधाएं: सिर्फ देखभाल नहीं, खुशहाल जीवन
देहरादून के आंबीवाला क्षेत्र में स्थित इस आश्रम में बुजुर्गों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर कई जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं:
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा: आश्रम में नियमित मेडिकल चेकअप, दवाइयों और गंभीर रूप से अस्वस्थ बुजुर्गों के लिए समुचित उपचार का प्रबंध किया जाता है।
योग और ध्यान: बुजुर्गों को मानसिक तनाव और अकेलेपन से दूर रखने के लिए दैनिक योग व ध्यान सत्र आयोजित किए जाते हैं।
संतुलित व पौष्टिक आहार: उम्र के अनुसार सुपाच्य और पौष्टिक भोजन की सुविधा।
मनोरंजन व धार्मिक भ्रमण: मानसिक शांति के लिए महीने में दो बार बुजुर्गों को स्थानीय मंदिरों और शांत दर्शनीय स्थलों पर ले जाया जाता है।
डे-केयर सुविधा: स्थायी आवास के अलावा यह आश्रम उन बुजुर्गों के लिए ‘डे-केयर’ की सुविधा भी देता है, जो दिनभर साथियों के साथ समय बिताकर शाम को घर लौटना चाहते हैं।
समाज से जुड़ने की अपील
एक गैर-सरकारी प्रयास होने के नाते, आश्रम बुजुर्गों के खान-पान, मेडिकल किट, कपड़े और आश्रय के विस्तार के लिए जनसहयोग और दान पर भी निर्भर करता है। संस्था युवाओं और समाजसेवियों से अपील करती है कि वे वालंटियर बनकर बुजुर्गों के साथ समय बिताएं और इस पुनीत कार्य में सहयोग दें।
संक्षिप्त परिचय व संपर्क विवरण:
संस्था: गौरी ओल्ड एज होम (कल्पवृक्ष सामाजिक संस्थान के अंतर्गत)
स्थान: ग्राम आंबीवाला, विद्या भवन के पास, पोस्ट आंबीवाला, देहरादून, उत्तराखंड