दिल्ली, मुंबई समेत 7 सुपरफास्ट रूट बनाएगा रेलवे, कानपुर, लखनऊ से गोरखपुर-पटना, भोपाल तक 50 शहरों की ट्रेन बुलेट रफ्तार से दौड़ेगी
भारतीय रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर 7 सुपरफास्ट कॉरिडोर बनाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस परियोजना के तहत दिल्ली, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, पटना, भोपाल, गोरखपुर समेत लगभग 50 प्रमुख शहरों को तेज़ और समयबद्ध रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। यह बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि मौजूदा नेटवर्क को चार ट्रैक वाले सुपरफास्ट मार्गों में बदलने का प्रयास है।
कुल 11,000 किमी लंबाई वाले इन कॉरिडोरों पर देश का लगभग 41% यात्री यातायात केंद्रित है, जबकि यह नेटवर्क भारतीय रेलवे की कुल लंबाई का केवल 16% हिस्सा है। इन मार्गों पर वंदे भारत, राजधानी और तेजस जैसी ट्रेनों की स्पीड को 200 किमी/घंटा तक बढ़ाने की योजना है।
सात प्रमुख रूटों में दिल्ली–हावड़ा, हावड़ा–चेन्नई, चेन्नई–मुंबई, मुंबई–दिल्ली, दिल्ली–चेन्नई, मुंबई–हावड़ा और दिल्ली–गुवाहाटी शामिल हैं। इन पर चार ट्रैक होने से सुपरफास्ट ट्रेनों को जगह-जगह रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे लेटलतीफी कम होगी। त्योहारों के समय स्पेशल ट्रेनों का संचालन आसान होगा और मालगाड़ियों की गति भी बढ़ेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
यह योजना भारत की बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के समानांतर है, लेकिन इसका फोकस मौजूदा ट्रेनों की गति और समयबद्धता सुधारने पर है। यह कदम भारतीय रेलवे को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है