LATEST NEWS

आजादी के अमृतकाल में रेल और फोरलेन की प्रतीक्षा कर रहा कुक्षी क्षेत्र

By SUNIL PATIDAR • 2026-07-30 12:03 • 11 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
आजादी के अमृतकाल में रेल और फोरलेन की प्रतीक्षा कर रहा कुक्षी क्षेत्र

आजादी के अमृतकाल में भी रेलवे और फोरलेन का इंतजार कर रहा आदिवासी अंचल कुक्षी

जोबट तक पहुंची रेल, बाग और टांडा जुड़ रहे हैं, लेकिन कुक्षी तहसील मुख्यालय अब भी रेलवे से वंचित

खंडवा–अलीराजपुर रेलवे लाइन और फोरलेन सड़क परियोजनाओं में तेजी की क्षेत्रवासियों ने उठाई मांग

कुक्षी। देश में रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के बीच धार जिले का आदिवासी अंचल, विशेषकर कुक्षी तहसील मुख्यालय, रेलवे और फोरलेन सड़क जैसी सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहा है। समीप के जोबट तक रेल सेवा शुरू होने तथा बाग और टांडा क्षेत्र के रेलवे नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ने के बीच क्षेत्रवासियों ने कुक्षी को भी रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की मांग उठाई है।

क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि कुक्षी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल होने से आदिवासी अंचल के विकास को गति मिल सकती है। उनका मानना है कि बेहतर रेल और सड़क संपर्क से क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

खंडवा–अलीराजपुर रेलवे परियोजना से जगी उम्मीद

क्षेत्रवासियों के अनुसार, खंडवा–अलीराजपुर रेलवे लाइन लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल है। परियोजना से संबंधित सर्वे और डीपीआर की स्थिति को लेकर संबंधित विभाग से आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही इसकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। परियोजना को मंजूरी मिलने पर निमाड़ और आदिवासी अंचल के लोगों को बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

जनप्रतिनिधियों से पहल की मांग

क्षेत्रवासियों ने धार, झाबुआ, खरगोन और खंडवा संसदीय क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से रेलवे परियोजना को लेकर रेल मंत्रालय के समक्ष प्रभावी पहल करने की मांग की है। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र की आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिल सकती है।

रेलवे के साथ बेहतर सड़क संपर्क की भी जरूरत

कुक्षी क्षेत्र कृषि और व्यापार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां कपास, सोयाबीन, मक्का और हरी मिर्च का उत्पादन होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क से किसानों और व्यापारियों को परिवहन में सुविधा मिल सकती है तथा समय और लागत में कमी आ सकती है।

क्षेत्रवासियों ने कुक्षी को जुलवानिया, छोटाउदयपुर, खलघाट और राजगढ़ से बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की मांग भी उठाई है। उनका मानना है कि इससे मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

भविष्य में नए रेल संपर्क की संभावनाएं

क्षेत्र के लोगों का मानना है कि खंडवा–अलीराजपुर रेलवे लाइन के विकास के बाद भविष्य में कुक्षी, बाग और राजगढ़ क्षेत्र से रतलाम सहित अन्य प्रमुख शहरों तक रेल संपर्क की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। हालांकि, इन संभावित रेल मार्गों के संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित विभागों और सरकार की स्वीकृति पर निर्भर करेगा।

कुक्षी मुख्यालय को रेलवे से जोड़ने की मांग

जोबट तक रेल सेवा शुरू होने और बाग–टांडा क्षेत्र के रेलवे नेटवर्क से जुड़ने की संभावनाओं के बीच क्षेत्रवासियों ने कुक्षी तहसील मुख्यालय को भी रेलवे नेटवर्क से जोड़ने को प्राथमिकता देने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पूरे आदिवासी अंचल में संतुलित विकास को बढ़ावा मिल सकता है।

जोबट से वडोदरा और अहमदाबाद के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की मांग

क्षेत्रवासियों ने जोबट से वडोदरा के लिए अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि इससे इलाज, शिक्षा, व्यापार और अन्य कार्यों के लिए गुजरात जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकती है। कुछ लोगों ने रेल सेवा का विस्तार अहमदाबाद तक किए जाने की मांग भी की है।

जनप्रतिनिधियों से सामूहिक प्रयास की अपील

धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन और खंडवा जिलों के समग्र विकास के लिए क्षेत्रवासियों ने सांसदों, विधायकों तथा राज्य और केंद्र सरकार से आधारभूत परियोजनाओं पर मिलकर काम करने की अपील की है। उनका कहना है कि रेलवे और बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिल सकता है।

क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि खंडवा–अलीराजपुर रेलवे लाइन सहित अन्य प्रस्तावित आधारभूत परियोजनाओं की स्थिति पर सरकार और संबंधित विभाग जल्द स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएंगे तथा आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।

SUNIL PATIDAR 0 followers