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श्रुति की मौत के बाद LNIPE में छात्रों का प्रदर्शन, न्याय की मांग तेज

By MOHIT VERMA • 2026-09-16 09:43 • 5 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
श्रुति की मौत के बाद LNIPE में छात्रों का प्रदर्शन, न्याय की मांग तेज

LNIPE छात्रा श्रुति की मौत पर ग्वालियर में छात्रों का धरना जारी, निष्पक्ष जांच और ₹50 लाख मुआवजे की मांग

ग्वालियर: लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) के गुवाहाटी परिसर की छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद ग्वालियर परिसर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और मृत छात्रा के परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि श्रुति की मौत ने संस्थान में विद्यार्थियों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। छात्रों ने घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने की मांग की है।

कैंडल मार्च निकालकर जताया विरोध

छात्रों ने श्रुति की स्मृति में कैंडल मार्च भी निकाला। हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाली तख्तियां लेकर विद्यार्थियों ने शोक व्यक्त किया और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। ग्वालियर परिसर में छात्रों का धरना कई दिनों से जारी है।

₹50 लाख मुआवजे की मांग

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में श्रुति के परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता दिया जाना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और यदि जांच में किसी स्तर पर जिम्मेदारी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल

छात्रों ने श्रुति के इलाज और संस्थान की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, श्रुति की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था और बाद में गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हुई। उसकी मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण और उपचार के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच का विषय है।

इस मामले में छात्रों की ओर से चिकित्सा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया की समीक्षा की मांग भी की गई है।

संस्थान की ओर से कार्रवाई

मामले के बाद LNIPE प्रबंधन की ओर से जांच और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। छात्रों की मांगों और संस्थान के रुख के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन ₹50 लाख मुआवजे और जवाबदेही से जुड़ी कुछ मांगों पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।

छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल श्रुति के मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि परिसर में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, स्पष्ट आपातकालीन व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने से भी जुड़ा है।

श्रुति की मौत से जुड़े सवालों के जवाब और छात्रों की मांगों पर संस्थान तथा संबंधित अधिकारियों की आगे की कार्रवाई पर अब नजर बनी हुई है।

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