भक्ति और उल्लास से गूंजा निसरपुर, निकली बाबा अर्धचंद्रेश्वर की भव्य शाही सवारी
निसरपुर। नगर के आराध्य एवं प्राचीन धार्मिक आस्था के केंद्र बाबा अर्धचंद्रेश्वर महादेव की शाही सवारी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में निकाली गई। श्रावण माह की पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शाम करीब 5 बजे मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई शाही सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी।
शाही सवारी को लेकर नगर में विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिर परिसर सहित पूरे मार्ग को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया। भगवान अर्धचंद्रेश्वर महादेव की आकर्षक प्रतिमा को विशेष रूप से सजाकर सुसज्जित पालकी में विराजित किया गया। जैसे ही पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई, श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवान का स्वागत किया।
सवारी के आगे विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक समूहों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने अपनी कला और भक्ति भाव से वातावरण को मनमोहक बना दिया। अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पालकी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
आयोजन में क्षेत्र के संत-महात्माओं की भी विशेष उपस्थिति रही। संतों ने शाही सवारी में सहभागिता कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। मार्ग में भजन, कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
शाही सवारी में आकर्षक झांकियां, नृत्य प्रस्तुतियां और विभिन्न प्रकार की साज-सज्जा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में नगरवासी आयोजन का हिस्सा बने। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु निसरपुर पहुंचे।
शाही सवारी के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने व्यवस्था में सहयोग किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं प्रसाद की व्यवस्था की गई। नगरवासियों ने अपने-अपने स्तर पर सवारी का स्वागत कर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि बाबा अर्धचंद्रेश्वर महादेव की शाही सवारी अब नगर की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी इस आयोजन के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है। पूरे आयोजन के दौरान “हर-हर महादेव” और “बाबा अर्धचंद्रेश्वर महादेव” के जयघोष से निसरपुर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।