POLITICAL NEWS

मराठी भाषा नियम में एक साल की छूट पर MNS और शिवसेना (UBT) ने फडणवीस सरकार को घेरा

By PRANAV PARSOON • 2026-08-29 07:41 • 2 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
मराठी भाषा नियम में एक साल की छूट पर MNS और शिवसेना (UBT) ने फडणवीस सरकार को घेरा
महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने की समयसीमा में एक वर्ष की बढ़ोतरी के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 अगस्त को ऑटो और टैक्सी चालकों को कार्यात्मक मराठी सीखने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय देने की घोषणा की थी। इस अतिरिक्त अवधि में भाषा संबंधी कमी के कारण तत्काल दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई है। MNS ने फैसले पर उठाए सवाल MNS नेता अमित ठाकरे ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मराठी भाषा से जुड़े निर्णय में बदलाव राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों का भी उल्लेख किया। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इनके समर्थन में स्वतंत्र रूप से कोई निष्कर्ष स्थापित नहीं हुआ है। संजय राउत ने भी साधा निशाना शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी सरकार के फैसले की आलोचना की। राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार पर दिल्ली स्थित भाजपा नेतृत्व का राजनीतिक दबाव है और इसी वजह से मराठी भाषा से जुड़े फैसले में बदलाव किया गया। इन आरोपों पर सरकार या भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया है, इसे भी रिपोर्ट में शामिल करना उचित होगा, यदि आधिकारिक बयान उपलब्ध हो। महायुति में मतभेद के संकेत मराठी भाषा के नियम को लेकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर भी अलग-अलग रुख सामने आए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस की ओर से एक साल की अतिरिक्त छूट की घोषणा के बाद भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के रुख में अंतर की चर्चा शुरू हुई है। फिलहाल मराठी भाषा से जुड़ा यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में सरकार, MNS और शिवसेना (UBT) के बीच इस फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
##pranavparsoon #pranavprasoon #reporter #maharashtranews
PRANAV PARSOON 0 followers