UPI पर ₹2,000 तक कोई चार्ज नहीं, नए नियम से क्या बदला? जानिए पूरी जानकारी
UPI पर ₹2,000 तक कोई चार्ज नहीं, नए नियम से क्या बदला? जानिए पूरी जानकारी
नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026: भारत में डिजिटल भुगतान से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ₹2,000 तक के पात्र UPI लेनदेन पर बैंकों और पेमेंट सिस्टम से जुड़े प्रदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगाया जा सकेगा। यह व्यवस्था छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतानों को शुल्क-मुक्त बनाए रखने से जुड़ी है।
क्या बदला है?
नए प्रावधान के तहत ₹2,000 तक के पात्र UPI लेनदेन शुल्क से मुक्त रहेंगे। RuPay डेबिट कार्ड से किए जाने वाले पात्र भुगतान को भी शुल्क से छूट दी गई है। इसका संबंध रोजमर्रा के छोटे डिजिटल भुगतानों से है, जिनका इस्तेमाल खरीदारी और विभिन्न सेवाओं के भुगतान के लिए किया जाता है।
₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर क्या होगा?
₹2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट लेनदेन के लिए शुल्क व्यवस्था से संबंधित कानूनी ढांचा उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान पर तत्काल शुल्क लगना शुरू हो गया है। बड़े मूल्य वाले मर्चेंट लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की प्रक्रिया और संबंधित दिशा-निर्देश आगे महत्वपूर्ण होंगे।
आम यूजर्स पर क्या असर?
छोटे भुगतान करने वाले आम UPI उपयोगकर्ताओं के लिए तत्काल प्रभाव सीमित रहेगा, क्योंकि ₹2,000 तक के पात्र लेनदेन पर शुल्क नहीं लगाया जा सकता। वहीं, बड़े मूल्य के मर्चेंट भुगतान से जुड़े कारोबारियों के लिए संभावित MDR व्यवस्था महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल इसे आम उपयोगकर्ताओं पर सीधे UPI transaction charge लागू होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
निष्कर्ष: नए प्रावधान का प्रमुख असर यह है कि ₹2,000 तक के पात्र UPI भुगतान शुल्क-मुक्त रहेंगे। इससे अधिक मूल्य वाले मर्चेंट लेनदेन के लिए शुल्क व्यवस्था से जुड़े आगे के नियम और दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सभी बड़े UPI भुगतानों पर शुल्क लगना शुरू हो गया है।