नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2026:
दिल्ली के एक वरिष्ठ नागरिक ने United India Insurance Company से मेडिकल क्लेम के निपटान में देरी होने की शिकायत की है। इस घटना ने बीमा दावों के समय पर निपटान से जुड़ी प्रक्रियाओं पर ध्यान आकर्षित किया है।
परिवार के अनुसार, यह क्लेम एक वैध स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत इलाज के बाद दाखिल किया गया था। अस्पताल के बिल, डिस्चार्ज समरी सहित सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए जाने के बावजूद, कई बार फॉलो-अप के बाद भी भुगतान लंबित बताया जा रहा है।
परिजनों का कहना है कि कंपनी से संपर्क करने पर क्लेम की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है या जवाब में देरी हो रही है। हालांकि, इस संबंध में कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।
बीमा विशेषज्ञों के अनुसार, दस्तावेजों की जांच या पॉलिसी की शर्तों के कारण कुछ मामलों में देरी संभव है, लेकिन पारदर्शिता बनाए रखना और समय पर जानकारी देना बीमा कंपनियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के मामलों में।
विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि ऐसे मामलों में पॉलिसीधारक पहले कंपनी के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से संपर्क करें। यदि संतोषजनक समाधान नहीं मिलता है, तो वे Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI) या इंश्योरेंस ओम्बड्समैन के समक्ष शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत के बीच, वरिष्ठ नागरिकों के लिए समय पर क्लेम निपटान का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह मामला बीमा क्षेत्र में बेहतर जवाबदेही और प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित करता है।