वेदांता पावर प्लांट हादसा: सोनभद्र के पीपरखाड़ गांव में तीन मजदूरों का अंतिम संस्कार, एक साथ जलीं तीन चिताएं
सोनभद्र | उत्तर प्रदेश:
Sonbhadra के पीपरखाड़ गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट हादसे में जान गंवाने वाले तीन मजदूरों के शव एक साथ गांव पहुंचे और उनका अंतिम संस्कार किया गया।
Sakti district में स्थित पावर प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 16 घायल मजदूरों का इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में प्लांट के निर्धारित क्षमता से अधिक संचालन और तकनीकी गड़बड़ी की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
इस हादसे में पीपरखाड़ गांव के तीन मजदूरों की भी मृत्यु हुई है। मृतकों की पहचान राजू राम (40), बृजेश (31) और पंकज (25) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, तीनों मजदूर करीब तीन महीने पहले संविदा के माध्यम से प्लांट में कार्य करने गए थे।
गुरुवार सुबह तीनों के शव अलग-अलग एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव पहुंचे, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों में शोक का माहौल बन गया। अंतिम संस्कार कचनरवा नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट पर एक साथ किया गया।
तीनों चिताओं के एक साथ जलने का दृश्य गांव में भावुक माहौल पैदा कर गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम विदाई में शामिल हुए।
प्रशासन द्वारा हादसे की जांच जारी है और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।