June 13, 2026

बच्चे और मोबाइल फ़ोन

छोटे छोटे बच्चो में मोबाइल फ़ोन देखना आजकल एक गंभीर समस्या बन कर उभर रही है। बिना मोबाइल फ़ोन देखे वो खाना तक भी नहीं खा रहे है और न ही कोई शारीरिक गतिविधि कर रहे है। छोटी उम्र में ऐसे बच्चो को चश्मा लगना एक आम बीमारी सी लग रही है।

ऐसे बच्चे जो पूरा पूरा दिन मोबाइल देखने में गुजार देते है उनका दिमाग सही से काम नहीं करता और उनका भौतिक विकास तक रुक जाता है।

माँ बाप को इस तरफ बहुत ज्यादा धयान देने के जरुरत है कि कही उनके बच्चे को मोबाइल की लत तो नहीं लग रही है अगर ऐसा कुछ भी दिख रहा है तो सावधान रहने कि जरुरत है।

अब तो बहुत सारे देशो में 13 साल से कम उम्र क़े बच्चे को मोबाइल न देने क़े लिए कानून तक बनाया जा रहा है और उनको शारीरिक गतिविधि जैसे खेलो में हिस्सा लेने क़े लिए बोला जा रहा है। ऐसे मोबाइल फ़ोन क़े बारे में भी सोचा जा रहा है जिसमे इंटरनेट जैसे सुविधा न हो और उस फ़ोन में बच्चो क़े मुताबित कुछ गेम या कुछ पज़ल्स हो जिससे उनका सही से विकास हो सके।

हम भी अपने बच्चो को कम से कम मोबाइल फ़ोन दे और उनके भौतिक विकास क़े लिए अलग अलग प्रकार क़े खेल आदि में उनको बिजी रखे ताकि उनका पूर्ण रूप से विकास हो सके।

हमारे इस छोटे से कदम से हम आने वाली नई पीढ़ी को एक बेहतर जीवन दे सकते है।

Krishan Kumar

KRISHAN KUMAR MAKKAR

District Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

INDIAN PRESS UNION

Indian Press Union (IPU) A National Platform for Journalists and Media Professionals.

© 2026 All Rights Reserved IPU MEDIA ASSOCIATION