नई दिल्ली: Surya Kant ने दिल्ली में कुछ वकीलों की कानून की डिग्रियों की प्रामाणिकता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि उपयुक्त मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने पर विचार किया जा सकता है। यह टिप्पणी दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट पदनाम से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान की गई।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और Joymalya Bagchi की पीठ एक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता को बार-बार याचिकाएं दाखिल करने पर फटकार लगाते हुए CJI ने कुछ वकीलों के आचरण और उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए।
सुनवाई के दौरान की गई मौखिक टिप्पणियों में CJI ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ वकीलों की टिप्पणियां देखकर उनकी एलएलबी डिग्रियों की वास्तविकता पर संदेह होता है। उन्होंने संकेत दिया कि न्यायपालिका फर्जी डिग्री से जुड़े मामलों के प्रति सख्त रुख अपना सकती है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वह किसी उपयुक्त मामले की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसमें CBI को निर्देश देकर दिल्ली, विशेष रूप से तीस हजारी क्षेत्र के कुछ वकीलों की एलएलबी डिग्रियों की जांच कराई जा सके। उन्होंने Bar Council of India की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पेशे में कुछ लोगों की शैक्षणिक योग्यता की जांच जरूरी हो सकती है, ताकि न्यायिक व्यवस्था और वकालत पेशे की साख बनी रहे।
• CJI सूर्यकांत ने कुछ वकीलों की एलएलबी डिग्रियों की सत्यता पर चिंता जताई
• सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान CBI जांच की संभावना का उल्लेख
• वकालत पेशे में पारदर्शिता और प्रमाणिकता बनाए रखने पर जोर