पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर वृद्धि दर्ज की गई है। विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की सूचना सामने आई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर परिवहन, कृषि और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। परिवहन खर्च बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी आगामी दिनों में असर देखने को मिल सकता है।
तेल कंपनियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तो आगे भी ईंधन कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है।