घाटशिला उप कोषागार का निरीक्षण: वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर उपायुक्त का सख्त निर्देश
जमशेदपुर/घाटशिला:
जिला प्रशासन की वित्तीय व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने घाटशिला स्थित उप कोषागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोषागार की विभिन्न प्रक्रियाओं का गहन अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वित्तीय कार्य निर्धारित नियमों के अनुरूप ही संपन्न हों।
उपायुक्त ने कहा कि कोषागार जिला प्रशासन की वित्तीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र होता है, इसलिए यहां पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक भुगतान और निकासी प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही पूरी की जाए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विशेष रूप से निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDOs) द्वारा प्रस्तुत बिलों की जांच पर जोर दिया। उन्होंने कोषागार पदाधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विपत्रों का सूक्ष्म परीक्षण किया जाए, ताकि त्रुटियों और वित्तीय गड़बड़ियों को रोका जा सके।
वेतन एवं मानदेय भुगतान के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि भुगतान से पहले संबंधित कर्मियों के सेवा अभिलेखों का अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाए। साथ ही बैंक खातों की जानकारी का भी मिलान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
इसके अलावा, उपायुक्त ने कोषागार में कार्यरत एवं प्रतिनियुक्त कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्य अवधि की जानकारी ली। उन्होंने बुक ट्रांसफर, विभिन्न आवंटनों और अप्रयुक्त राशि की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है, उसे समय रहते संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर वापस किया जाए।
उन्होंने लंबित एसी/डीसी विपत्रों के शीघ्र निष्पादन और पीएल खातों की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर एसडीएम घाटशिला श्री सुनील चंद्र, कोषागार पदाधिकारी जमशेदपुर, उप कोषागार पदाधिकारी घाटशिला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।