इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता उत्तर प्रदेश के पूर्व भाजपा विधायक रामदुलारे गोंड को जमानत दे दी है, लेकिन उनकी दोषसिद्धि (सजा) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है
सोनभद्र की दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व भाजपा विधायक राम दुलारे गोंड को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने उनकी दोषसिद्ध ि (सजा) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। राम दुलारे गोंड को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की एकल पीठ ने राम दुलारे गोंड की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया। उन पर यह आरोप वर्ष 2014 में तब लगा था, जब उनकी पत्नी सुरतन रासपहरी गांव की प्रधान थीं और वह प्रधानपति के तौर पर जान े जाते थे।
सोनभद्र की सत्र अदालत ने 15 दिसंबर 2023 को राम दुलारे गोंड को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए 25 वर्ष के कठोर कारावास और 10 लाख रुपये जुर्मान े की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के खिलाफ उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।राम दुलारे गोंड के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। अधिवक्ता ने पीड़िता की उम्र, एफआईआर दर्ज होने में देरी और गर्भावस्था से संबंधित तथ्यों पर सवाल उठाए। वहीं, राज्य सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान का हवाला दिया। इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त माह में होगी।