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₹16 करोड़ का पुल, लेकिन 17 दिन भी नहीं टिक पाया एप्रोच! आखिर लापरवाही का बोझ जनता कब तक उठाएगी?

By GAURAV CHAUHAN • 2026-07-29 04:57 • 4 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
₹16 करोड़ का पुल, लेकिन 17 दिन भी नहीं टिक पाया एप्रोच! आखिर लापरवाही का बोझ जनता कब तक उठाएगी?

देहरादून। प्रेमनगर के नंदा की चौकी क्षेत्र में लगभग ₹16 करोड़ की लागत से निर्मित नए पुल का एप्रोच रोड उद्घाटन के महज 17 दिन बाद ही भारी बारिश में बह जाने से पूरे निर्माण तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप किया गया होता, तो पहली ही तेज बारिश में एप्रोच रोड नहीं बहता। लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसकी कीमत अब आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है।
पुल के एप्रोच के क्षतिग्रस्त होने से रोजाना हजारों वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। व्यापार, स्कूल, अस्पताल और दफ्तर जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय और परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि कोई परियोजना कुछ ही दिनों में क्षतिग्रस्त हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा? क्या निर्माण एजेंसी, निगरानी करने वाले अधिकारी और गुणवत्ता जांच करने वाले विभागों की जवाबदेही तय होगी, या फिर हर बार की तरह मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा?
जनता की मांग है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को और सख्त बनाया जाए। आखिर विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, न कि लापरवाही का खामियाजा भुगतने पर मजबूर करना।

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