रोज़ाना 50 किलो चावल और छुट्टी के दिन 10 किलो चिकन: छह पीढ़ियों वाली 83 लोगों की एक जॉइंट फ़ैमिली कैसे रहती है साथ
आंध्र प्रदेश का 83 सदस्यों वाला संयुक्त परिवार, छह पीढ़ियों से साथ रहने की अनोखी मिसाल
अनंतपुर: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर क्षेत्र में छह पीढ़ियों से एक बड़ा संयुक्त परिवार साथ रह रहा है। परिवार में कुल 83 सदस्य हैं और खेती, पशुपालन, व्यापार से लेकर घर के काम तक कई जिम्मेदारियां मिल-जुलकर निभाई जाती हैं। परिवार की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दिन के भोजन के लिए करीब 50 किलो चावल की जरूरत पड़ती है। रविवार को मांसाहारी भोजन के लिए एक मेमना भी तैयार किया जाता है।
यह संयुक्त परिवार कुरलापल्ली गांव में रहता है, जो कल्याणदुर्ग से करीब सात किलोमीटर दूर बताया जाता है। गांव में लगभग 400 घर और करीब 2,000 की आबादी है। परिवार के सदस्य सड़क के आसपास बने कई मकानों में रहते हैं और परिवार एक अन्य मकान का निर्माण भी करा रहा है।
परिवार के मुखिया हनुमंथा रायडू और मुत्यालप्पा खेती, पशुपालन, व्यापार और घरेलू जिम्मेदारियों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में भूमिका निभाते हैं। हनुमंथा रायडू के अनुसार, परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए आजीविका और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है।
हनुमंथा रायडू ने बताया कि परिवार ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों से शुरुआत की थी। उनके अनुसार, एक समय परिवार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे, लेकिन सदस्यों ने मिलकर मेहनत की और धीरे-धीरे अपनी स्थिति बेहतर की। परिवार का मानना है कि एकजुट रहना उनकी प्रगति का महत्वपूर्ण कारण रहा है।
मुत्यालप्पा ने बताया कि परिवार कई पीढ़ियों से साथ रहता आया है और आगे भी इस परंपरा को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। सुबह परिवार के बड़े सदस्य एक साथ बैठकर दिनभर के काम तय करते हैं। इसके बाद अलग-अलग सदस्य खेती, पशुपालन, वाहनों की देखभाल और बाजार से सामान लाने जैसे काम संभालते हैं।
परिवार के सदस्य खेती के साथ गायों और भेड़ों की देखभाल भी करते हैं। कुछ लोग दूध दुहने, गोबर इकट्ठा करने और गौशाला की सफाई जैसे काम करते हैं, जबकि घर की महिलाएं मुख्य रूप से भोजन तैयार करने और बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी संभालती हैं।
परिवार की खासियत इसका पारंपरिक भोजन व्यवस्था को बनाए रखना भी है। 83 सदस्यों के लिए एक ही रसोई में भोजन तैयार किया जाता है और परिवार आज भी लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल करता है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, सभी के लिए सामान्य तौर पर एक जैसा भोजन बनाया जाता है। जरूरत के अनुसार कुछ सदस्यों के लिए अलग भोजन भी तैयार किया जाता है।
परिवार की महिलाओं के अनुसार, रोजाना बड़ी मात्रा में चावल, दाल, करी और अन्य खाद्य सामग्री तैयार करनी पड़ती है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर भोजन की मात्रा और बढ़ जाती है। परिवार के अनुसार, रविवार या विशेष दिनों में मांसाहारी भोजन भी सामूहिक रूप से तैयार किया जाता है।
परिवार में बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाता है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, करीब 32 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें कुछ बच्चे इंटरमीडिएट और डिग्री स्तर पर हैं, जबकि छोटे बच्चे आंगनवाड़ी और स्कूलों में पढ़ते हैं। परिवार का कहना है कि बच्चों को सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा दिलाई जा रही है।
खेती परिवार की आय का प्रमुख आधार है। परिवार के अनुसार, उसके पास करीब 120 एकड़ जमीन है, जहां मिर्च, बैंगन, टमाटर, तरबूज, पपीता और मूंगफली जैसी फसलें उगाई जाती हैं। कुछ उपज परिवार अपनी जरूरत के लिए रखता है, जबकि बाकी बाजार में बेच दी जाती है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, कुछ फल और सब्जियां दूसरे राज्यों के बाजारों तक भी भेजी जाती हैं।
परिवार के पास कई वाहन और चार ट्रैवल बसें होने की बात भी सामने आई है। परिवार के कुछ सदस्यों ने बताया कि खेती और घर की जिम्मेदारियों को संभालने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई या अन्य करियर विकल्पों को सीमित किया है। वहीं, अगली पीढ़ी को बेहतर शिक्षा देने पर परिवार विशेष जोर दे रहा है।
परिवार में छह सास और 14 बहुओं के साथ कई अन्य महिला सदस्य भी रहती हैं। परिवार की महिलाओं का कहना है कि वे घरेलू और कृषि संबंधी काम मिल-जुलकर करती हैं। छोटे-मोटे मतभेद होने के बावजूद परिवार के सदस्य फिर साथ बैठकर सामान्य जीवन जीने की कोशिश करते हैं।
हनुमंथा रायडू के अनुसार, परिवार में आपसी विवाद से बचने के लिए कई पारिवारिक आयोजनों और विवाहों को भी सामूहिक रूप से आयोजित किया गया। उनका मानना है कि परिवार के सभी सदस्यों के साथ समान व्यवहार करने से एकजुटता बनी रहती है।
यह 83 सदस्यों वाला परिवार आज भी संयुक्त जीवन, साझा जिम्मेदारियों और सामूहिक संसाधनों की व्यवस्था को बनाए हुए है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि बदलते समय में भी वे अपनी परंपरा को आगे बढ़ाना चाहते हैं और आने वाली पीढ़ी को शिक्षा तथा बेहतर अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं।
संपादकीय नोट: परिवार के सदस्यों की संख्या, भूमि, संपत्ति, आय, खाद्य खपत और अन्य आंकड़े परिवार द्वारा बताए गए विवरण पर आधारित हैं। प्रकाशन से पहले उपलब्ध मूल स्रोत और संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया जाना उचित होगा।