चमोली में बादल फटने के बाद भारी तबाही, बैली ब्रिज बहा; 13 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा
चमोली में बादल फटने के बाद भारी तबाही, बैली ब्रिज बहा; 13 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा
चमोली, उत्तराखंड: उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने के बाद आई बाढ़ और तेज बहाव से कई क्षेत्रों में नुकसान की खबर है। तेज बहाव की चपेट में आने से करीब 40 मीटर लंबा बैली ब्रिज ढोली नदी में बह गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने से 13 से अधिक गांवों का संपर्क तहसील और जिला मुख्यालय से प्रभावित हुआ है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामान की आपूर्ति को लेकर भी परेशानी बढ़ गई है।
सैलाब की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां भी बह गईं। इनमें सीमा सड़क संगठन (BRO) की दो गाड़ियां और एक स्थानीय व्यक्ति की गाड़ी शामिल बताई जा रही है। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में तेज बहाव के बीच वाहन और भारी मलबा बहता दिखाई दे रहा है।
500 से ज्यादा पेड़ मलबे की चपेट में
प्राकृतिक आपदा का असर स्थानीय किसानों पर भी पड़ा है। सैलाब और मलबे के कारण सेब की फसल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि 500 से अधिक पेड़ मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
BRO के हवलदार की तलाश जारी
हादसे के दौरान मौके पर मौजूद BRO का एक हवलदार तेज सैलाब में बह गया। उसकी तलाश के लिए राहत और बचाव टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। नदी किनारे करीब 200 मीटर के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
भारी मलबे और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीमों को अभियान में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हवलदार का अभी तक पता नहीं चल पाया है। तलाशी अभियान में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय स्तर पर मदद ली जा रही है।
सड़क संपर्क बहाल करने की कोशिश
बाढ़ और मलबे के कारण सड़क मार्ग को भी नुकसान पहुंचा है। सड़क से मलबा हटाने और रास्ते को दोबारा चालू करने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी चमोली में बने हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार खराब मौसम और भारी मलबे के कारण राहत एवं बचाव अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें हालात पर नजर रखते हुए प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने और लापता BRO कर्मी की तलाश में जुटी हुई हैं।
चमोली से सामने आई तस्वीरों में आपदा के बाद की स्थिति दिखाई दे रही है। पुल का ढोली नदी में बहना, वाहनों का तेज बहाव की चपेट में आना और जगह-जगह जमा भारी मलबा क्षेत्र में बने हालात की गंभीरता को दर्शाता है।
``` चमोली में बादल फटने के बाद भारी तबाही, बैली ब्रिज बहा; 13 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा चमोली, उत्तराखंड: उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने के बाद आई बाढ़ और सैलाब ने भारी तबाही मचाई है। तेज बहाव की चपेट में आने से करीब 40 मीटर लंबा बैली ब्रिज ढोली नदी में समा गया। पुल के बह जाने से 13 से ज्यादा गांवों का संपर्क तहसील और जिला मुख्यालय से टूट गया है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सामान की आपूर्ति को लेकर भी परेशानी बढ़ गई है। सैलाब की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां भी बह गईं। इनमें सीमा सड़क संगठन (BRO) की दो गाड़ियां और एक स्थानीय व्यक्ति की गाड़ी शामिल बताई जा रही है। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में सैलाब की भयावहता साफ दिखाई दे रही है। तेज बहाव के बीच वाहन और भारी मलबा बहता नजर आ रहा है। 500 से ज्यादा पेड़ मलबे की चपेट में प्राकृतिक आपदा का असर स्थानीय किसानों पर भी पड़ा है। सैलाब और मलबे की वजह से किसानों की सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि 500 से ज्यादा पेड़ मलबे की चपेट में आकर बर्बाद हो गए हैं। इससे स्थानीय किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। BRO के हवलदार की तलाश जारी हादसे के दौरान मौके पर मौजूद BRO का एक हवलदार भी तेज सैलाब में बह गया। उसकी तलाश के लिए राहत और बचाव टीमों ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। नदी किनारे करीब 200 मीटर के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। भारी मलबे और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हवलदार का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सर्च ऑपरेशन में उपलब्ध अतिरिक्त संसाधनों और स्थानीय स्तर पर मदद ली जा रही है। सड़क संपर्क बहाल करने की कोशिश बाढ़ और मलबे के कारण सड़क मार्ग को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सड़क से मलबा हटाने और रास्ते को दोबारा चालू करने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी चमोली में बने हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और सड़क मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार खराब मौसम और भारी मलबे के कारण राहत एवं बचाव अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें हालात पर नजर रखते हुए प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने और लापता BRO कर्मी की तलाश में जुटी हुई हैं। चमोली से सामने आई तबाही की तस्वीरें आपदा की भयावहता को बयां कर रही हैं। पुल का ढोली नदी में समाना, वाहनों का सैलाब में बहना और जगह-जगह जमा भारी मलबा हालात की गंभीरता को दर्शाता है।