*डिप्टी सीएम के गृहजनपद कौशाम्बी में जिला अस्पताल में मरीजों की लगी रही लाइन, ओपीडी के अंदर डॉक्टर करते रहे चाय-नाश्ता* *वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार द्विवेदी जनपद कौशांबी मोबाइल नंबर 6387 944631* ,
जिला अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार, ओपीडी में चाय-नाश्ते का वीडियो वायरल
आनन्द कुमार द्विवेदी, कौशाम्बी ब्यूरो: कौशाम्बी के जिला अस्पताल मंझनपुर में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। कमरा नंबर 14 के बाहर मरीजों की लंबी कतार के बीच ओपीडी के अंदर डॉक्टरों और स्टाफ के चाय-नाश्ता करने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मरीजों का कहना है कि उन्हें इलाज के लिए लंबे समय तक लाइन में इंतजार करना पड़ता है। कुछ मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि कथित रूप से प्रभाव के आधार पर कुछ लोगों को लाइन से अलग इलाज की सुविधा मिल जाती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इसी बीच इलाज के लिए अस्पताल पहुंची चांदनी गौतम ने भी अस्पताल की व्यवस्था को लेकर अपनी शिकायत सामने रखी। चांदनी के अनुसार, वह गर्भवती हैं और कमरा नंबर 14 के बाहर काफी देर तक लाइन में खड़ी रहीं। लंबे समय तक खड़े रहने के कारण उनके पैर में दर्द होने लगा।
चांदनी का आरोप है कि जब उन्होंने अंदर जाकर डॉक्टर को अपनी परेशानी बताने की कोशिश की तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और गार्ड के माध्यम से उन्हें बाहर भेज दिया गया। उनका यह भी आरोप है कि दोबारा इस तरह अंदर आने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मरीजों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों के इंतजार और व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से डॉक्टरों की समय पर उपलब्धता, बेहतर लाइन व्यवस्था और मरीजों के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रही परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मरीजों ने मामले की जांच कराने और जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
नोट: खबर में उल्लेखित आरोप संबंधित मरीजों के कथनों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में अस्पताल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।