धोराजी में पर्युषण पर्व में धर्म और संस्कृति का अनूठा समन्वय
धोराजी में पर्युषण पर्व के दौरान तपस्या के साथ गौसेवा का आयोजन
धोराजी में पर्युषण पर्व के अवसर पर जैन समाज की ओर से विभिन्न धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान धोराजी के जैन परिवारों में कुल 51 तपस्याएं किए जाने की जानकारी दी गई है, जिनमें 23 लोगों ने सिद्धि तप किया।
आदर्श एजुकेशन सोसायटी की 15 वर्षीय खुशी मेहुलभाई शाह ने भी सिद्धि तप किया। कम उम्र में तपस्या करने को लेकर समाज के लोगों ने इसकी सराहना की।
इसके अलावा हर्षवर्धन पारेख और दिव्यम पारेख नामक युवाओं ने अट्ठाई तपस्या पूरी करने के बाद पारणा से पहले गौसेवा की। उन्होंने धार्मिक परंपरा के तहत तपस्या के साथ गौसेवा में भी भाग लिया।
औषधीय लड्डुओं से गौसेवा
धोराजी के पशु चिकित्सक डॉ. अमितभाई चांपड़िया के मार्गदर्शन में गौवंश के लिए विशेष औषधीय लड्डू तैयार किए गए। युवाओं ने इन लड्डुओं को गौवंश को खिलाकर गौसेवा की।
आयोजकों के अनुसार, इस पहल के माध्यम से धार्मिक तपस्या के साथ पशुसेवा को भी जोड़ा गया।
तपस्वियों की शोभायात्रा
पर्युषण पर्व के दौरान धोराजी में तपस्वियों की शोभायात्रा भी आयोजित की गई, जिसमें समाज के लोगों ने भाग लिया। धार्मिक आयोजन के दौरान तपस्या, पारणा और अन्य पारंपरिक गतिविधियां भी जारी रहीं।
पर्युषण पर्व के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक और सेवा गतिविधियों को भी स्थान दिया गया।