प्रतापगढ़: अवैध नर्सिंग होम में गलत दवा से महिला की हालत नाजुक
मांधाता क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद जांच की मांग
प्रतापगढ़। मांधाता क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और निजी चिकित्सा केंद्रों के संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में संचालित कुछ नर्सिंग होम और क्लीनिकों की जांच कराने तथा नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक महिला की दवा लेने के बाद तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाया गया। बताया गया कि महिला को एक निजी नर्सिंग होम के कर्मचारी द्वारा दवा दी गई थी। महिला के परिजनों के अनुसार, बाद में दवा की एक खुराक भी उनके पास मिली।
परिजनों का कहना है कि जब महिला को सरकारी चिकित्सक के पास ले जाया गया और संबंधित दवा दिखाई गई, तो चिकित्सक ने कथित तौर पर ऐसी दवा देने पर आपत्ति जताई। हालांकि, महिला की तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण और दवा के प्रभाव की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय जांच एवं रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में कुछ निजी नर्सिंग होम और क्लीनिक आवश्यक नियमों के पालन के बिना संचालित हो सकते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की जांच करने और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आए तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से यह भी अपील की है कि चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए।
नोट: निजी नर्सिंग होम, चिकित्सकों या स्वास्थ्य अधिकारियों के संबंध में लगाए गए आरोप स्थानीय लोगों/परिजनों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित नर्सिंग होम और स्वास्थ्य विभाग का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।