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500 करोड़ का नया MGM अस्पताल, एक साल में ही सुविधाएं बेपटरी:12 लिफ्ट खराब ICU वेंटिलेटर के अभाव में बंद: मरीजों को 61.80 लाख का पानी खरीदना पड़ा

By SUSHIL KUMAR RAMRAIKA • 2026-08-31 11:20 • 1 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
500 करोड़ का नया MGM अस्पताल, एक साल में ही सुविधाएं बेपटरी:12 लिफ्ट खराब ICU वेंटिलेटर के अभाव में बंद: मरीजों को 61.80 लाख का पानी खरीदना पड़ा

500 करोड़ का नया MGM अस्पताल, एक साल में ही सुविधाओं पर सवाल: लिफ्ट, पानी, एक्स-रे और ICU की व्यवस्था प्रभावित

जमशेदपुर: कोल्हान के मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार नए MGM अस्पताल में जरूरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। लिफ्ट, पेयजल, सेंट्रल एसी, एक्स-रे मशीन और वेंटिलेटर से संबंधित दिक्कतों का असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ने की बात कही जा रही है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, ऐसे में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है।

पानी की समस्या से मरीज और परिजन परेशान

अस्पताल में पेयजल की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 30 अगस्त 2026 के बीच 242 दिनों में करीब 206 दिन ही ओपीडी नियमित रूप से संचालित हो सकी। इसी अवधि में लगभग 2,61,437 मरीज अस्पताल पहुंचे।

रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान 81,300 मरीजों को पूरी दवा उपलब्ध हो सकी, जबकि अन्य मरीजों को दवाओं की उपलब्धता में कमी का सामना करना पड़ा। पानी की समस्या के कारण कुछ मौकों पर उपचार और ऑपरेशन की प्रक्रिया भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। इससे पहले भी MGM अस्पताल में पानी की कमी के कारण ऑपरेशन टाले जाने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।

लिफ्ट खराब होने से बढ़ी परेशानी

500 बेड वाले अस्पताल में लगी लिफ्टों में से कई के खराब रहने की शिकायत सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों में जुलाई 2026 में 13 में से 10 लिफ्ट के काम नहीं करने की बात कही गई थी। इससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और चलने-फिरने में परेशानी वाले मरीजों को अतिरिक्त कठिनाई का सामना करना पड़ा।

29 अगस्त को भी अस्पताल की एक लिफ्ट के बीच में रुक जाने से करीब 20 से 25 लोगों के फंसने की रिपोर्ट सामने आई। बाद में अस्पताल के कर्मचारियों ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वेंटिलेटर और ICU की उपलब्धता पर सवाल

अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए वेंटिलेटर की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अस्पताल में फिलहाल तीन वेंटिलेटर अलग-अलग विभागों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जबकि अन्य मरीजों के लिए तैयार ICU की क्षमता वेंटिलेटर की कमी से प्रभावित होने की बात कही गई है।

इसके कारण गंभीर मरीजों को बेहतर सुविधाओं वाले अस्पतालों में रेफर किए जाने का दबाव बढ़ने की बात रिपोर्ट में कही गई है। हालांकि, रेफर किए गए मरीजों की संख्या और ICU की मौजूदा स्थिति की पुष्टि अस्पताल प्रशासन के आधिकारिक रिकॉर्ड से किया जाना उचित होगा।

एक्स-रे मशीन खराब, दूसरी मशीन पर बढ़ा दबाव

अस्पताल की एक एक्स-रे मशीन के कुछ समय से खराब रहने की वजह से दूसरी मशीन पर मरीजों का दबाव बढ़ने की बात सामने आई है। इसके चलते जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

एक्स-रे जांच कई विभागों में उपचार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए मशीन के लंबे समय तक खराब रहने पर मरीजों को अतिरिक्त समय और खर्च का सामना करना पड़ सकता है।

पेयजल पर अतिरिक्त खर्च का अनुमान

1 जनवरी से 30 अगस्त के बीच अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की संख्या करीब 3.09 लाख बताई गई है। यदि एक मरीज और एक परिजन के लिए प्रतिदिन औसतन दो लीटर पानी खरीदने की गणना की जाए, तो लगभग 6.18 लाख लीटर पानी की आवश्यकता का अनुमान निकलता है।

10 रुपये प्रति लीटर की दर मानने पर यह राशि करीब 61.80 लाख रुपये बैठती है। हालांकि, यह एक अनुमानित गणना है, इसे मरीजों द्वारा वास्तव में खर्च की गई राशि के आधिकारिक आंकड़े के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

सेंट्रल एसी के रखरखाव पर भी चर्चा

अस्पताल में सेंट्रल एसी के संचालन और रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया किए जाने के बावजूद एसी से संबंधित शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में संचालन और रखरखाव के लिए करीब 34.13 लाख रुपये के न्यूनतम प्रस्ताव पर टेंडर हुआ था।

ऐसी स्थिति में मरीजों और परिजनों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि रखरखाव संबंधी शिकायतों का समाधान किस समय-सीमा में किया जा रहा है और संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी क्या है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि MGM अस्पताल में लिफ्ट, एक्स-रे, एसी, वेंटिलेटर और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां संबंधित एजेंसी की लापरवाही सामने आएगी, वहां अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने यह भी कहा कि मरीजों को पीने का पानी खरीदने की स्थिति नहीं होनी चाहिए। उपकरणों की खरीद या रखरखाव में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों के लिए बुनियादी सुविधाएं बनाए रखना चुनौती

MGM अस्पताल में पानी और लिफ्ट से जुड़ी समस्याओं की स्वतंत्र रिपोर्टिंग भी सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट है कि बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता मरीजों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है।

अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीजों की आवाजाही को देखते हुए पेयजल, लिफ्ट, जांच उपकरण, ICU और अन्य जरूरी सुविधाओं का नियमित रखरखाव आवश्यक है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने अब इन व्यवस्थाओं को जल्द सामान्य करने की चुनौती है।

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