के साथ बदलता है श्वसन संक्रमण का वायरस, एमजीएम की रिसर्च में चौंकाने वाले तथ्य
जमशेदपुर। खांसी, जुकाम, बुखार और गले में खराश जैसे लक्षण भले ही अलग-अलग मरीजों में एक जैसे नजर आएं, लेकिन बीमारी के लिए जिम्मेदार वायरस मरीज की उम्र के साथ बदल सकता है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिसिन और पेडियाट्रिक विभाग के संयुक्त रूप से की गई शोध में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। शोध के दौरान 300 से अधिक मरीजों के सैंपल की जांच की गई।
शोध में शामिल सभी मरीजों में श्वसन संक्रमण से जुड़े समान लक्षण पाए गए। जांच के दौरान बच्चों और वयस्कों में अलग-अलग वायरस का संक्रमण सामने आया। वहीं, गंभीर श्वसन संक्रमण से पीड़ित कई मरीजों में एक साथ दो या उससे अधिक वायरस की मौजूदगी मिली।
18 मरीजों में मिले एक साथ दो वायरस
रिसर्च की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि एक से अधिक वायरस से संक्रमित 18 मामलों में 10 मामले पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के थे। इन बच्चों में एक साथ आरएसवी (RSV) और एडीनो वायरस की मौजूदगी मिली। डॉक्टरों के अनुसार गंभीर श्वसन संक्रमण वाले मरीजों में मल्टिपल वायरस संक्रमण की दर अधिक रही। ऐसे में बीमारी के कारण बनने वाले वायरस की सटीक पहचान इलाज की रणनीति तय करने में बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
बच्चों में आरएसवी और एडीनो वायरस का असर अधिक
शोध में बच्चों में आरएसवी और एडीनो वायरस का संक्रमण अधिक पाया गया। आरएसवी बच्चों में सांस से जुड़ी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है, जबकि एडीनो वायरस के कारण बुखार और गले में खराश जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं।
वहीं वयस्कों और बुजुर्गों में इन्फ्लुएंजा और एसएआरएस-कोव-2 (कोरोना) का संक्रमण अधिक पाया गया। 30 से 55 वर्ष की आयु के लोगों में इन्फ्लुएंजा- ए, (एच3एन2) का संक्रमण अधिक देखा गया। शोध के अनुसार एसएआरएस-कोव-2 का संक्रमण केवल 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वयस्कों में पाया गया।
नाक और गले के स्वाब से हुई जांच
रिसर्च के लिए मरीजों के नाक और गले के स्वाब सैंपल लिए गए। मल्टिपल रियल टाइम पीसीआर तकनीक के माध्यम से एक ही जांच में कोरोना, फ्लू और बच्चों में श्वसन संक्रमण पैदा करने वाले पांच प्रमुख वायरस की पहचान की गई।
डॉक्टरों का कहना है कि एक ही तरह के लक्षण अलग-अलग वायरस के कारण हो सकते हैं। इसलिए गंभीर मरीजों में वायरस की सटीक पहचान से इलाज, निगरानी और संक्रमण प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करता है।