लखनऊ के बक्शी का तालाब तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस के दौरान नैमिष नगर योजना से प्रभावित 18 ग्राम पंचायतों के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
नैमिष नगर योजना से प्रभावित किसानों ने समान मुआवजे और भूमि पूलिंग की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
लखनऊ के बक्शी का तालाब तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एलडीए की प्रस्तावित नैमिष नगर योजना से प्रभावित 18 ग्राम पंचायतों के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए मुआवजे की दरों में कथित भेदभाव का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि नैमिष नगर योजना में शामिल आठ गांवों के किसानों को प्रति एकड़ लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि दस अन्य गांवों के किसानों के लिए करीब 81 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा प्रस्तावित है। किसानों ने एक ही योजना के तहत अलग-अलग मुआवजा दरों को असमान बताते हुए सभी प्रभावित गांवों के लिए समान दर की मांग की है।
किसानों ने यह भी मांग की कि प्रदेश के अन्य विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर क्षेत्र में भूमि पूलिंग व्यवस्था लागू की जाए, ताकि योजना से प्रभावित किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।
किसानों के अनुसार, क्षेत्रीय विधायक योगेश शुक्ला इस मुद्दे को लेकर कई बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि, किसानों का कहना है कि अब तक उनकी मांगों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। इसी के चलते उन्होंने समाधान दिवस में पहुंचकर प्रशासन के सामने अपनी मांगें दोहराईं।
मौके पर पहुंचे एडीएम राजकुमार मित्तल ने किसानों से बातचीत की और उनका ज्ञापन स्वीकार किया। प्रशासन की ओर से किसानों की मांगों पर उचित स्तर पर विचार करने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसानों ने अपना धरना फिलहाल स्थगित कर दिया।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल करने की बात भी किसानों ने कही है। एक किसान ने कहा, "हम सभी प्रभावित गांवों के किसानों को समान मुआवजा और भूमि पूलिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। यदि 15 दिनों में हमारी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो हम भूख हड़ताल सहित बड़ा आंदोलन करेंगे।"