रक्षाबंधन का वास्तविक संकल्प: सुरक्षा, सम्मान और समानता से ही समृद्ध होगा समाज - विकास वैभव,
रक्षाबंधन का वास्तविक संकल्प: सुरक्षा, सम्मान और समानता से ही समृद्ध होगा समाज - विकास वैभव,
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार
गयाजी : रक्षाबंधन केवल एक धागे का त्यौहार नहीं, बल्कि यह आपसी विश्वास, आत्मीयता और समाज में एक-दूसरे की रक्षा का पावन संकल्प है।
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सह 'लेट्स इंस्पायर बिहार' के प्रणेता विकाश वैभव (IPS) ने समस्त बिहार एवं देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक आह्वान किया है—एक ऐसे समाज का निर्माण, जहाँ हर बेटी को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिल सके।
प्रशासनिक दक्षता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का संगम :
आईपीएस विकाश वैभव का यह संदेश केवल शुभकामना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता पर सीधा कुठाराघात करता है।
आज जब हम आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं, तब भी हमारी बेटियों को समान अवसर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कराना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मगध प्रमंडल के आईजी कार्यालय से आई यह तस्वीर और संदेश यह दर्शाता है कि एक सच्चा लोकसेवक कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक चेतना जागृत करने में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
'लेट्स इंस्पायर बिहार' और नारी सशक्तिकरण
'लेट्स इंस्पायर बिहार' अभियान के माध्यम से राज्य के युवाओं, महिलाओं और प्रबुद्ध जनों को एकजुट कर बिहार के स्वर्णिम अतीत को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर बेटियों के सम्मान और अवसरों की समानता का संकल्प लेना यह स्पष्ट करता है कि किसी भी राज्य या समाज की प्रगति तब तक संभव नहीं है, जब तक आधी आबादी सुरक्षित और आत्मनिर्भर न हो।
रक्षासूत्र का वास्तविक अर्थ: केवल प्रतिज्ञा नहीं, आचरण में बदलाव,
रक्षाबंधन पर बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बाँधकर अपनी सुरक्षा की कामना करती हैं, लेकिन आज के दौर में इसका दायरा व्यापक होना चाहिए।
सुरक्षा केवल एक व्यक्ति का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा संकल्प होना चाहिए।
कार्यक्षेत्र और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा:
बेटियों के लिए भयमुक्त वातावरण तैयार करना।
समान अवसर:
शिक्षा, खेल, कला और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं को बराबर की भागीदारी देना।
सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार:
दहेज, भ्रूण हत्या और भेदभाव जैसी मानसिकताओं को जड़ से समाप्त करना।
निष्कर्ष :
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर आईजी विकाश वैभव एवं 'लेट्स इंस्पायर बिहार' टीम द्वारा दिया गया संदेश हम सभी के लिए एक दिशा-निर्देश है।
आइए, हम सब मिलकर केवल रक्षासूत्र बाँधने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने विचारों और कर्मों से ऐसा वातावरण तैयार करें जहाँ बिहार और देश की हर बेटी बिना किसी डर के अपने सपनों की उड़ान भर सके।