कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम तराईबेड़ा में वनांचल क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य 1 मई से विधिवत प्रारंभ हो गया है। सीजन की शुरुआत के साथ ही ग्रामीणों और वनवासियों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
तराईबेड़ा में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ 2 मई को तेंदूपत्ता कार्य का शुभारंभ किया गया। इस दौरान दवाई का छिड़काव कर धूप-अगरबत्ती से पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद संग्रहित पत्तों को सुखाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
विशेष बात यह है कि तराईबेड़ा में तेंदूपत्ता सुखाने का कार्य 1 मई से शुरू होकर 2 से 3 दिनों तक चलता है, जहां हरवेल, सरईपारा, डोंगरीपारा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं। इन दिनों क्षेत्र में मेले जैसा वातावरण बन जाता है और सामूहिक रूप से कार्य किया जाता है।
तेंदूपत्ता संग्रहण स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन है। इस कार्य से हजारों परिवारों को मौसमी रोजगार मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है। अनुकूल मौसम के चलते इस वर्ष बेहतर उत्पादन की संभावना भी जताई जा रही है।
प्रशासन द्वारा संग्रहण कार्य को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की बाधा न आए और ग्रामीणों को इसका पूरा लाभ मिल सके।