बरेली में खुद को आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी के मामले में विप्रा शर्मा और उसकी बहन शिखा पाठक के खिलाफ नौ नई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, विभिन्न शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये लिए गए और कथित रूप से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे गए।
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को दो भाइयों समेत 10 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि सहायक विकास अधिकारी, क्लर्क, लेखपाल और वाहन चालक जैसी सरकारी नौकरियां दिलाने के नाम पर कुल लगभग 56.4 लाख रुपये लिए गए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि बाद में विभागों में ज्वाइनिंग के दौरान नियुक्ति पत्रों के कथित रूप से फर्जी होने की जानकारी मिली।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले से भी कई प्राथमिकी दर्ज हैं और विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा तथा एक रिश्तेदार को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामले की जांच जारी है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने स्वयं को प्रभावशाली प्रशासनिक संपर्कों वाला बताते हुए नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। विभिन्न पीड़ितों ने अलग-अलग रकम लेने और डाक के माध्यम से कथित नियुक्ति पत्र भेजने का आरोप लगाया है।
पुलिस का कहना है कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।